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Last Modified: सोमवार, 15 दिसंबर 2025 (16:25 IST)

MNREGA का बदलेगा नाम, कहलाएगी जी राम जी' योजना, मोदी सरकार लाएगी बिल

MNREGA
मोदी सरकार मनरेगा स्कीम का नाम बदलने की तैयारी कर रही है। 'जी राम जी योजना के नाम लोकप्रिय बनाया जा सकता है। महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट का नाम अब पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना होगा। शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट ने योजना का नाम बदलने और काम के दिनों की संख्या बढ़ाने वाले बिल को मंजूरी दे दी। मीडिया खबरों के मुताबिक काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी। 
 
इस स्कीम का पूरा नाम होगा- विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)। इसे 'VB- जी राम जी' योजना भी कहा जा रहा है। नाम बदलने को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साथा है। महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम को MGNREGA (मनरेगा) या NREGA (नरेगा) के नाम से जाना जाता है। यह सरकार की एक खास स्कीम है जिसका मकसद ग्रामीण इलाकों में परिवारों की रोजी-रोटी की सुरक्षा बढ़ाना है। 
नाम बदलने को लेकर कांग्रेस ने साधा निशाना  
सरकार के प्रस्ताव का विरोध भी होने लगा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा। इस बात का पहले ही अंदेशा था कि महात्मा गांधी का नाम स्कीम से हटाए जाने को लेकर विवाद हो सकता है। हालांकि योजना में 'जी राम जी' जोड़े जाने से भाजपा के हाथ भी एक कार्ड लग गया है। ऐसे में मनरेगा का नाम बदले जाने की डिबेट संसद में यदि महात्मा गांधी बनाम राम होती दिखे तो कोई हैरानी नहीं होगी। 
 
योजना में कार्यों का दायरा बढ़ाया जाएगा 
बिल के ड्राफ्ट के मुताबिक स्कीम को विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ा जाएगा। इसके तहत ग्रामीण स्तर पर रोजगार प्रदान किया जाएगा ताकि पलायन रुके और गांवों की व्यवस्था आत्मनिर्भर बन सके। बिल के मुताबिक सरकारी कामों को इसी स्कीम के तहत कराया जाएगा। इसके माध्यम से जल संरक्षण, ग्रामीण ढांचागत सुविधाओं का विकास, आजीविका से जुड़े मिशनों पर काम होगा। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास होगा कि खेती के पीक सीजन के दौरान गांवों में श्रमशक्ति की भी उपलब्धता बनी रहे।
 
योजनाओं को पीएम-गति शक्ति से जोड़ा जा सकता है। इसके तहत होने वालों कामों की मॉनिटरिंग के लिए भी आधुनिक व्यवस्था का सहारा लिया जाएगा। इसके तहत जीपीएस और मोबाइल बेस्ड मॉनिटरिंग होगी। इसके अलावा इससे जुड़े कामों की प्लानिंग, ऑडिटिंग, फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाएगा। Edited by : Sudhir Sharma
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